1- आधी रात DM आवास पहुंचे महिलाएं Banda Rain News: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में लगातार बारिश के बाद जलभराव से परेशान ग्रामीणों का सब्र टूट गया। देर रात महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पन्नी ओढ़कर जिलाधिकारी आवास पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जल निकासी की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई, जिससे उनके घरों में पानी भर गया और रोजमर्रा का सामान बर्बाद हो गया। 2- राजनाथ सिंह के जन्मदिन पर लखनऊ में मेगा सफाई अभियान Rajnath Singh Birthday: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के जन्मदिन के अवसर पर शुक्रवार को लखनऊ नगर निगम ने पूरे शहर में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। इस विशेष अभियान के तहत नगर निगम के सभी 110 वार्डों में एक साथ सफाई कार्य शुरू किया गया। अभियान का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने के साथ-साथ नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा। 3- ईरान में खामेनेई की अंतिम विदाई में उनके बेटे की गैरमौजूदगी Khamenei Funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। उनके अंतिम विदाई समारोह में लाखों लोगों की मौजूदगी ने दुनिया का ध्यान खींचा, लेकिन इससे कहीं ज्यादा चर्चा उन प्रमुख राजनीतिक चेहरों की गैरमौजूदगी की रही, जो वर्षों तक ईरान की सत्ता और राजनीति के केंद्र में रहे। इस घटनाक्रम ने देश की राजनीतिक एकजुटता और भविष्य को लेकर नई बहस छेड़ दी है। 4- राम मंदिर में चढ़ावा गिनने वाले 20 से अधिक कर्मचारियों का सामूहिक इस्तीफा Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक ओर दान में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) नए-नए खुलासे कर रही है, वहीं दूसरी ओर चढ़ावे की गिनती में लगे 20 से अधिक कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा देकर व्यवस्था को झटका दे दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे लगातार अधिक काम कराया जा रहा था, लेकिन लंबे समय से भुगतान नहीं किया गया। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने सामूहिक रूप से काम छोड़ दिया। 5- कन्नौज गौकशी की सूचना पर पहुंची पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ Kannauj Police Action: उत्तर प्रदेश के कन्नौज सदर कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार देर रात पुलिस और गोकशी के एक वांछित आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके एक साथी को भी गिरफ्तार किया है जबकि तीसरा आरोपी मौके से फरार हो गया। 6- UP में 20 वरिष्ठ IAS अफसरों के तबादले UP IAS Transfer: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए शासन और जिलों में व्यापक फेरबदल कर दिया। एक ही आदेश में 20 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का तबादला करते हुए कई महत्वपूर्ण विभागों और जिलों की जिम्मेदारियां नए अधिकारियों को सौंप दी गईं। इस बदलाव को सरकार की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, तेज और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। 7- तेज रफ्तार स्कॉर्पियो का खौफनाक अंजाम Noida Road Accident: नोएडा शहर में तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। गुरुवार दोपहर एक तेज गति से आ रही स्कॉर्पियो ने सब्जियों से भरे लोडर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पास से गुजर रही एक बाइक भी उसकी चपेट में आ गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। 8- बारिश से कंपनी की दीवार ढही Noida Rain: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की हकीकत सामने ला दी है। बुधवार रात से शुरू हुई बारिश गुरुवार तक जारी रही, जिसके चलते कई इलाकों में सड़कें पानी से लबालब भर गईं। जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि कई कॉलोनियों और गांवों में सीवर का पानी घरों तक पहुंच गया। 9- पिटबुल ने महिला और उसके पालतू कुत्ते पर किया हमला Noida News: नोएडा के सेक्टर-50 में पालतू कुत्ते को घुमाने निकली एक महिला पर पिटबुल ने हमला कर दिया। हमले में महिला को दो बार काटा गया और गिरने से उनकी टेल बोन में फ्रैक्चर हो गया। घायल महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। क्या है पूरा मामला पीड़िता निधि राठी (40) ने बताया कि मंगलवार शाम करीब सात बजे वह अपने पोमेरियन नस्ल के पालतू कुत्ते को टहला रही थीं। 10- 25 दिन से धरने पर डटे किसान Banda Farmers Protest: चकबंदी प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में बांदा के दो गांवों के किसान पिछले 25 दिनों से धरने पर बैठे हैं। किसानों का आरोप है कि अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रभावशाली लोगों से मिलीभगत कर नियमों की अनदेखी करते हुए खेतों का आवंटन किया। लंबे आंदोलन के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से किसानों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।